राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स सगं ठन उत्तर प्रदेश एवं तत्पश्चात उत्तराखण्ड पावर जूनियर इंजीनियर्स ऐसोसिएशन
- राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन उ0प्र0 की स्थापना बैठक 15 सितम्बर 1946 को श्री ए0ए0ब्लेक की अध्यक्षत में मेरठ के एम0ई0एस0 पावर हाउस में हुयी जिसमें 15 सदस्य उपस्थित थे। वर्ष 1946 में ही संगठन का पंजीकरण 257 संख्या पर रजिस्ट्रार आॅफ टेªड यूनियन के यहाॅ कराया गया।
- संगठन की नियमावली का निर्माण किया गया और संगठन का नाम रखा गया “सबाॅर्डिनेट इंजीनियर्स (हाइड्रो इले.) ऐसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ” बाद में हिन्दी में यही नाम “अधीनस्थ अभियन्ता (जल विद्युत) संगठन उ0प्र0” के रूप में वर्ष 1974 तक चला।
- 28 दिसम्बर 1974 को संगठन का नाम परिवर्तित कर राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन उत्तर प्रदेश रखा गया।।
- 14 जनवरी 2000 को राज्य विद्युत परिषद का विघटन कर तीन कम्पनियाॅ बना दी गयी।
1. उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लि0
2. उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम लि0
3. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि0
- भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति के0आर0नारायणन ने 28 अगस्त 2000 को उत्तर प्रदेश पुनर्गठन विधेयक को मंजूरी दी और फिर यह अधिनियम में बदल गया और 9 नवंबर 2000 को नया राज्य उत्तरांचल भारत के 27 वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया जिसे अब उत्तराखंड के रूप में जाना जाता है।
- राज्य विद्युत परिषद् जूनियर इन्जीनियर संगठन के गढ़वाल एवं कुमाऊँ क्षेत्र के प्रतिनिधियों एवं आम सदस्यों की दिनांक 15.04.2001 को सभा हुई तथा जल विद्युत परियोजनाएं देहरादून की सभा दिनांक 24.04.2001 को सम्पन्न हुयी।
- दोनों सभाओं में पारित प्रस्तावों के अनुक्रम में दिनांक 28.04.2001 को उत्तरांचल पावर कारपोरेशन तथा उत्तरांचल जल विद्युत निगम के जूनियर इन्जीनियरों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक में पारित प्रस्तावों के अनुरूप दिनांक 06.05.2001 को उत्तरांचल पावर कारपोरेशन तथा जल विद्युत निगम उत्तरांचल की एक संयुक्त सभा श्री बी.एम. लाल शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
- इस सभा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि उत्तरांचल में अलग से दोनों पावर निगमों की एक संयुक्त एसोसिएशन बनाई जाए तथा उसका नाम ’’पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन उत्तरांचल’’ रखा जाये।
- इस सभा में सर्वसम्मति से निम्न पदाधिकारियों को चयनित किया गया और यह निर्णय लिया गया कि संस्था का पंजीकरण सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 21 सन् 1860 की धारा 1 व 20 के अन्तर्गत करा लिया जाये।
- इस सभा मंे सर्वसम्मति से निम्न पदाधिकारियांे को चयनित किया गया और यह निर्णय लिया गया कि संस्था का पंजीकरण सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 21 सन् 1860 की धारा 1 व 20 के अन्तर्गत करा लिया जाय।े
| क्र0सं0 |
नाम |
पद |
| 1 |
इं0 जी0 एन0 कोठियाल |
केन्द्रीय अध्यक्ष केन्द्रीय |
| 2 |
इं0 बी0 एम0ं लाल शर्मा |
उपाध्यक्ष केन्द्रीय |
| 3 |
इं0 जगदीशचन्द्रपन्त |
महासचिव केन्द्रीय उप |
| 4 |
इं0 आर0 के0 जैन |
महासचिव केन्द्रीय |
| 5 |
इं0 ए0 एस0 शर्मा |
संगठन सचिव केन्द्रीय |
| 6 |
इं0 आर0 एस0 नेगी |
संगठन सचिव केन्द्रीय |
| 7 |
इं0 डी0 डी0गाडै |
संगठन सचिव केन्द्रीय |
| 8 |
इं0 आर0 एस0 शुक्ला |
संगठन सचिव केन्द्रीय |
| 9 |
इं0 सतीश चन्द अग्रवाल |
वित सचिव केन्द्रीय |
| 10 |
इं0 करण सिंह |
प्रचार सचिव |
| 11 |
इं0 अशाके गाये ल |
केन्द्रीय लेखा निरीक्षक |
संस्था का नाम: पावर जूनियर इन्जिनियर्स एसोसिएशन, उत्तरांचल
संस्था का पूरा पता:18-ई0 सी0 राडे ़, देहरादून
संस्था का कार्यक्षेत्र:समस्त उत्तरांचल राज्य
- तदानुसार दिनांक 8 जून 2001 को उत्तरांचल पावर जूनियर इंजीनियर्स ऐसोसिएशन का उत्तरांचल सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन में पंजीकरण हुआ ।
- उत्तराखण्ड सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन द्वारा दिनांक 18 सितंबर 2007 को उत्तरांचल पावर जूनियर इंजीनियर्स ऐसोसिएशन का नाम बदलकर उत्तराखण्ड पावर जूनियर इंजीनियर्स ऐसोसिएशन हुआ ।
उत्तराखण्ड पावर जूनियर इंजीनियर्स ऐसोसिएशन के उद्देश्य:
- सदस्यों की वास्तविक कठिनाईयों को प्रशासन के सम्मुख प्रस्तुत करना।
- तकनीकी विषयों पर विचार-विमर्श एवं वर्ग के हितों की रक्षार्थ विचार-विमर्श करने के लिए वर्ष में कम से कम एक बार मिलने का अवसर प्रदान करना।
- सदस्यों की व्यवसायिक योग्यता, वैज्ञानिक एवं अभियान्त्रिक ज्ञानवर्धक के साधन उपलब्ध करना।
- सदस्यों में एकता, सद्भावना एवं सहयोग की भावना जागृत करना।
- सदस्यों में एवं समस्त कर्मचारियों में राष्ट्रीयता की भावना एवं स्वस्थ राष्ट्रीय श्रम आन्दोलनों के प्रति उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना एवं शिविरों का आयोजन कर सदस्यों /कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना।
- सदस्यों / परिवारजनों के लिये आर्थिक सहायता हेतु कोष का गठन करना।
- उपयुक्त पत्र, पत्रिकाओं विज्ञप्तियों एवं लेखों को प्रकाशन कर सदस्यों की समस्याओं एवं तकनीकी प्रतिभा को प्रस्तुत करना।
- उत्तराखण्ड राज्य में ऊर्जा के क्षेत्र में विकास हेतु सदस्यों को प्रेरित करना तथा उनके सुझावों से प्रबन्धन को अवगत कराना।
उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर्स ऐसोसिएशन सेवानिवृत प्रकोष्ठ का उद्देश्य :
- समस्त सेवानिवृत सदस्यों एवं पारिवारिक पेंशनरों के हितों की रक्षा करना।
- समस्त सेवानिवृत सदस्यों एवं पारिवारिक पेंशनरों का जीवन से मृत्यु तक का साथ निभाना, दुख एवं सुख में साथ निभाना,जीवन के अन्तिम क्षणों से शुद्धिकरण तक का समस्त दायित्व निभाना ।
- पारिवारिक सदस्य जो साधन विहीन हो उसकी आर्थिक रूप से मदद करना।
- समय-समय पर शासन, सरकार व ऊर्जा विभाग से सम्पर्क कर सेवानिवृत सदस्यों की समस्याओं का समाधान कराना।
- सेवानिवृत प्रकोष्ठ, उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर्स ऐसोसिएशन का अभिन्न अंग होगा जो स्वतन्त्र रूप से सेवानिवृत सदस्यों की समस्याओं का निराकरण कराने के लिए सरकार, शासन एवं निगम प्रशासन से वार्ता करने में सक्षम होगा।