राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन उत्तर प्रदेश की 55 वर्षीय एवं तत्पश्चात उत्तराखण्ड पावर जूनियर इंजीनियर्स ऐसोसिएशन की 22 वर्षीय
स्वर्णिम यात्रा
-एक सिंहावलोकन-
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन उत्तर प्रदेश की 55 वर्षीय स्वर्णिम यात्रा
- 1910 में Indian Electricity Act लागू हुआ।
- 1924 में उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत बिजली विभाग की एक शाखा बनी।
- 1939 सर्वप्रथम श्री डी.बी. मेहता, लाईन इन्स्पेक्टर के मन में संवर्ग की एक यूनियन बनाने का विचार आया।
- स्थापना बैठकः दिनांक 15 सितम्बर 1946 को श्री ए. ए. ब्लेक की अध्यक्षता में मेरठ के एम. ई. एस. पावर हाउस में हुयी जिसमें 15 सदस्य उपस्थित थे।
- प्रथम अध्यक्ष- श्री आर.के.वर्मा, सुपरिटेण्डेंट, बहादराबाद विद्युत गृह
- प्रथम जनरल सेक्रेटरी- श्री ए.बासु, शिफ्ट सुपरवाईजर चंदौसी
- प्रथम कोषाध्यक्ष- श्री एम.के.वैश्य
- संगठन की नियमावली का निर्माण किया गया और संगठन का नाम रखा गया “Subordinate Engineers (Hydro-Electric Association), Uttar Pradesh” बाद में हिन्दी में यही नाम “अधीनस्थ अभियन्ता(जल विद्युत) संगठन उत्तर प्रदेश” के रूप में वर्ष 1974 तक चला।
- वर्ष 1946 में ही संगठन का पंजीकरण 257 ऑफ़ 1946 संख्या पर रजिस्ट्रार ऑफ़ ट्रेड यूनियन के यहाँ कराया गया।
- संगठन का प्रथम अधिवेशन दिनांक 31 सितम्बर 1947 को मुरादाबाद में सम्पन्न हुआ।
- संगठन का दूसरा अधिवेशन दिनांक 27 फरवरी 1949 को मुरादाबाद में सम्पन्न हुआ सदस्यों की उपस्थिति 30 थी।
- संगठन का तीसरा अधिवेशन 23 अप्रैल 1950 को मुरादाबाद में सम्पन्न हुआ सदस्यों की उपस्थिति 35 थी।
- उत्तर प्रदेश शासन ने 5 जनवरी 1951 को संगठन को मान्यता प्रदान की।
- 1 अप्रैल 1959 को उत्तर प्रदेश सरकार ने विद्युत विभाग के स्थान पर ”उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद” का गठन कर दिया।
- दिनांक 24, 25, 26 नवम्बर 1963 को लखनऊ में अधिवेशन सम्पन्न हुआ सदस्यों की उपस्थिति 70 थी। श्री एम.ए. खान महासचिव चुने गये। श्री एम. ए. खान ने महासचिव के रूप में हंगामी दौरा किया और सदस्यों में जागरूकता पैदा की एवं सरकार और परिषद स्तर पर वार्तायें की।
- दिनांक 5 दिसम्बर 1964 को लखनऊ के टिकैतराय बिजलीघर पर आयोजित सम्मेलन में पहली बार 200 से अधिक सदस्यों की उपस्थिति थी। सम्मेलन का उदघाटन तत्कालीन विद्युत मंत्री श्री गिरघारी लाल ने किया साथ में उप-विद्युत मंत्री श्री शांति प्रपन्न शर्मा भी आये थे।
- वर्ष 1972 श्री एम. ए. खान अखिल भारतीय डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाघिकारी बन चुके थे, “उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त समिति” के महासचिव थे, अभियन्ता संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष थे तथा “उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ” के अध्यक्ष भी थे।
- दिनांक 16 जून 1973 को “जूनियर इंजीनियर” पदनाम मिला।
- दिसम्बर 1973 में “उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ” ने सरकार को 10 जनवरी, 1974 से आम हड़ताल का नोटिस दिया।
- महासंघ के अध्यक्ष श्री एम. ए. खान थे। तभी आन्दोलन के मघ्य तत्कालीन प्रमुख अभियन्ता सिंचाई से विवाद हो गया । मौके पर मौजूद सभी नेता गिरफ्तार कर लिये गये। आन्दोलन नेता विहीन हो गया । 1200 कर्मचारी जेलों में बन्द कर दिये गये।
- पुनः अथक प्रयासों से दिनांक 4 अप्रैल, 1974 को बिना शर्त हड़ताल वापस हुई तथा 85 दिन चलने वाला आन्दोलन खत्म हुआ।
- दिनांक 28 दिसम्बर, 1974 को संगठन का नाम परिवर्तित कर “राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन, उत्तर प्रदेश” रखा गया।
- 1980 में एक छात्र श्री आशुतोश कौशिक की शहादत के बाद ही A.M.I.E. का लाभ मिलने लगा।
- 1981 में संगठन की पत्रिका का पंजीकरण कराया गया।।
- 1982 में सहयोग सदन की स्थापना हुई।
- 1982 में कल्याण योजना का प्रारम्भ हुआ।
- दिनांक 14 जनवरी 2000 को राज्य विद्युत परिषद का विघटन कर तीन कंपनियां बना दी गयी।
(i) उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड
(ii) उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम लिमिटेड
(iii) उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड
- दिनांक15 जनवरी से 25 जनवरी 2000 तक महा- हड़ताल हुई तथा दिनांक 25 जनवरी को समझौते के बाद हड़ताल समाप्त हुई।
उत्तराखण्ड पावर जूनियर इंजीनियर्स ऐसोसिएशन की 22 वर्षीय स्वर्णिम यात्रा
- “राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन, उत्तर प्रदेश” के गढ़वाल एवं कुमाऊँ क्षेत्र के प्रतिनिधियों एवं आम सदस्यों की दिनांक 15.04.2001 को सभा हुई तथा जल विद्युत परियोजनाएं देहरादून की सभा दिनांक 24.04.2001 को सम्पन्न हुयी।
- दोनों सभाओं में पारित प्रस्तावों के अनुक्रम में दिनांक 28.04.2001 को उत्तरांचल पावर कारपोरेशन तथा उत्तरांचल जल विद्युत निगम के जूनियर इन्जीनियरों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक में पारित प्रस्तावों के अनुरूप दिनांक 06.05.2001 को उत्तरांचल पावर कारपोरेशन तथा जल विद्युत निगम उत्तरांचल की एक संयुक्त सभा श्री बी.एम. लाल शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
- इस सभा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि उत्तरांचल में अलग से दोनों पावर निगमों की एक संयुक्त एसोसिएशन बनाई जाए तथा उसका नाम ’’पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन उत्तरांचल’’ रखा जाये।
- इस सभा में सर्वसम्मति से पदाधिकारियों को चयनित किया गया और यह निर्णय लिया गया कि संस्था का पंजीकरण सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 21 सन् 1860 की धारा 1 व 20 के अन्तर्गत करा लिया जाये।
- 8 जून 2001 - उत्तराखण्ड पावर जूनियर इंजीनियर्स ऐसोसिएशन का सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन में पंजीकरण
- अक्टूबर 2002 - आस्था सदन डाकपत्थर का उदघाटन
- 15 मई 2003 - केन्द्रीय महाधिवेशन एवं शक्ति संदेश पत्रिका का प्रकाशन
- अक्टूबर 2003 - कार्यकर्त्ता प्रशिक्षण शिविर
- जनवरी 2004 - उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम शाखा द्वारा शक्ति संदेश पत्रिका का प्रकाशन
- 4 जून 2004 - उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम शाखा का अधिवेशन
- अक्टूबर 2004 - उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम शाखा द्वारा शक्ति संदेश पत्रिका का प्रकाशन
- 12 दिसम्बर 2004 -उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम शाखा द्वारा गोष्ठी का आयोजन
- 11 नवम्बर 2005 - केन्द्रीय महाधिवेशन एवं शक्ति संदेश पत्र्ािका का प्रकाशन
- मई 2005 - चिन्यालीसौढ शाखा का अधिवेशन
- जून 2005 - यमुना परियोजना शाखा का अधिवेशन
- 23 मई 2006 - उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम शाखा का अधिवेशन एवं शक्ति संदेश पत्रिका का प्रकाशन
- 23 जून 2007 - केन्द्रीय महाधिवेशन एवं शक्ति संदेश पत्रिका का प्रकाशन
- दिसम्बर 2007 - श्री जी एन कोठीयाल केन्द्रीय अध्यक्ष की सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह एवं शक्ति संदेश पत्रिका का प्रकाशन
- 23 मई 2008 -उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम शाखा का अधिवेशन एवं शक्ति संदेश पत्रिका का प्रकाशन
- दिसम्बर 2008 - उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम शाखा द्वारा आभार दिवस
- 19 जून 2009 -उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम शाखा का अधिवेशन एवं शक्ति संदेश पत्रिका का प्रकाशन
- 16 नवम्बर 2009 - केन्द्रीय महाधिवेशन एवं शक्ति संदेश पत्रिका का प्रकाशन
- जून 2010 - उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम शाखा का चुनाव
- 31 जुलाई 2011 - उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम शाखा का चुनाव
- 15 मार्च 2012 - केन्द्रीय कार्यकारिणी चुनाव
- 8 मार्च 2014 - केन्द्रीय कार्यकारिणी चुनाव
- 16 मई 2016 - केन्द्रीय महाधिवेशन एवं शक्ति संदेश पत्रिका का प्रकाशन
- 01 जनवरी 2017 - उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम शाखा द्वारा आभार दिवस
- मार्च 2017 - उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम शाखा द्वारा नवनियुक्त अवर अभियन्ताओं का स्वागत
- 19 नवम्बर 2018 - केन्द्रीय महाधिवेशन एवं शक्ति संदेश पत्रिका का प्रकाशन
- इस मध्य पावर कारपोरेशन शाखा द्वारा पांच स्वागत समारोह भी आयेजित किये गये।
- 2020-21 कल्याण योजना का शुभारम्भ
संगठन के कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर
- पहला कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर - 16 से 18 मार्च 1980 नरौरा में मेरठ क्षेत्र की अगवानी में हुआ। शिविर का उदघाटन सदस्य वित्त श्री बी.बी. जिन्दल द्वारा किया गया। समापन समारोह में परिषद के सचिव श्री मथुरा प्रसाद आये।
- दूसरा कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर - 14 से 16 नवम्बर 1980 को डाकपत्थर में जल विद्युत परियोजना शाखा की अगवानी में हुआ। शिविर का उदघाटन परिषद के अतिरिक्त सचिव श्री वी.सी. त्रिगुणायत द्वारा किया गया। 15 नवम्बर 1980 को प्रशिक्षण शिविर में तत्कालीन बिजली मंत्री श्री ब्रहम दत्त जी आये।
- तृतीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर - 21 से 22 नवम्बर 1983 को सरोजनी नगर लखनऊ में हुआ। शिविर का उदघाटन तत्कालीन बिजली मंत्री श्री सुनील शास्त्री द्वारा किया गया। समापन समारोह में मुख्य अभियन्ता (जल विद्युत) श्री भुपाल सिंह आये।
- चतुर्थ कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर - 19 से 21 अप्रैल 1992 को पनकी परियोजना में हुआ। शिविर का उदघाटन तत्कालीन श्रम राज्य मंत्री श्री बाल चन्द मिश्र द्वारा किया गया। समापन समारोह में मुख्य अभियन्ता (जल विद्युत) श्री भुपाल सिंह आये।
- पंचम कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर - 5 नवम्बर 1995 को डाकपत्थर में जल विद्युत परियोजना शाखा की अगवानी में हुआ।
- षष्ठम कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर - नवम्बर 2003 को आस्था सदन डाकपत्थर में जल विद्युत निगम शाखा की अगवानी में हुआ।
- सप्तम कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर - 23 अक्टुबर 2019 को आस्था सदन डाकपत्थर में जल विद्युत निगम शाखा की अगवानी में हुआ।
संगठन के व्यक्तित्व
उत्तराखण्ड पावर जूनियर इंजीनियर्स ऐसोसिएसन के अभ्युदय के साथ ही हमारे संगठन के कार्यकर्ताओं का काफिला बढ़ना प्रारम्भ हो गया था। संगठन के 22 वर्षो के यात्रा में अनेकों पड़ाव आये, लेकिन बढता - रूकता ये काफिला आगे चलता चला गया। हमारे इस यात्रा में सम्मिलित बहुत से हमारे साथी हम से बिछुड चुकें हे, जिनकी अब सिर्फ स्मृतियां हीं शेष है। बहुत से ऐसे साथी है जो संवर्ग के यात्रा के काफिले में आज भी हमारे साथी है और ना केवल हमारा मार्गदर्शन कर रहे हे वरन संगठन के कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता अपनी अपनी क्षमताओं के अनुरूप कर रहे हैं। संगठन की इस यात्रा को वैभवशाली एवं इसकी कीर्ति पताका को फहराने में हमारे अनेकों महान साथियों ने कार्य किया। इसउत्तराखण्ड पावर जूनियर इंजीनियर्स ऐसोसिएसनके पावन अवसर पर इनको याद करना अतिमहत्वपूर्ण है। संगठन के कार्यक्रमों, नीति निर्धारकों एवं व्यवस्था संचालन में लगे हुये अनेक वरिष्ठ साथियों में से प्रमुख साथियों के नाम हैः-
उत्तर प्रदेशः श्री आर. के. वर्मा, श्री ए.बासु, श्री एन.के.वैश्य, श्री सुल्तान, श्री डी. वी. मेहता, श्री नौबत राय, श्री प्रेम शंकर माथुर, श्री मंगल सिंह, श्री पी.एस. जोहरी, श्री श्याम सिंह, श्री जे. सी. जोशी, श्री वाई.डी.शर्मा, श्री एम.ए.खान, श्री हुकुम चन्द्र कारवाल, श्री शिवधर श्रीवास्तव, श्री जगमोहन शर्मा, श्री बी.के. सोती, श्री जीवन लाल शर्मा, श्री एस.एन.सिंह, श्री प्रताप चन्द्र, श्री मदन लाल कारवाल, श्री बी.पी.मिश्रा, श्री वी.एन. शर्मा, श्री सुशील चन्द्र दीक्षित, श्री रामानुज ओजा, श्री आर.एस. राय, श्री गिरीश चन्द्र सिन्हा, श्री सतीश चन्द्र श्रीवास्तव, श्री मदन लाल वार्ष्णेय, श्री सुरेश चन्द्र श्रीवास्तव, श्री एस.पी.गोयल, श्री राजेन्द्र स्वरूप भटनागर, श्री देवरत शर्मा, श्री सुरेश चन्द्र सिंह, श्री प्रवेश पांडे, श्री डी.के. चैधरी, श्री आर.के. गप्ता, श्री आर.एन. सिंह, श्री विजयेन्द्र नाथ शर्मा, श्री एम.एम. श्रीवास्तव, श्री ओ.एन. राय, श्री बदन सिंह, श्री यशवंत सिंह, श्री योगेश्वर दत्त शर्मा, श्री सुरेन्द्र बहादुर सिंह, श्री कप्तान सिंह, श्री जी.सी. वर्मा, श्री ज्ञानेन्द कुमार, श्री बी.एम. लाल शर्मा, श्री चक्रपाणी दीक्षित, श्री जे.के.ओझा, श्री लक्ष्मी नारायण दीक्षित, श्री जगदीश नरायण दुबे, श्री दिनेश चन्द्र शर्मा, श्री राकेश कुमार त्रिवेदी, श्री एस.एम. सिंह इत्यादि।
उत्तराखण्डःश्री घनानन्द कोठियाल, स्व. श्री बृज मोहन लाल शर्मा, श्री जगदीश चन्द्र पन्त, श्री राकेश कुमार जैन, श्री आनन्द स्वरूप शर्मा, श्री रविन्द्र सिंह नेगी, श्री डी.डी. गौड, श्री आर.एस. शुक्ला, श्री सतीश चन्द अग्रवाल, स्व. श्री करण सिंह, स्व. श्री अशोक गोयल, श्री चन्द्रशेखर सेमवाल, श्री गिरीश चन्द्र पुरोहित ,श्री विमल स्वरूप बहुगुणा, श्री महेष चन्द्र गोयल, श्री वी.के.पंत, श्री डी.एस. गौड, श्री के.के. त्यागी, श्री आर.के.शर्मा, श्री सुरेन्द्र अरोडा, श्री सी.एस.शर्मा, श्री एम.एम. लाल, श्री वी.के. छिब्बर, श्री हेमचन्द्र सकलानी, श्री आनन्द प्रकाश गैरोला, श्री एस.सी.दत्ता, श्री देव सिंह बिष्ट, श्री लाखी राम गैरोला, श्री रविन्द्र बलियान, श्री रविन्द्र सैनी, श्री आर.एन.शर्मा, श्री एम.सी.गोयल, श्री राम नाथ सैनी इत्यादि।
बहुत सम्भव है कि कुछ अभिन्न और कर्मठ साथियों के नाम छूट गये हों। सस्मरण की इस श्रंखला में उत्तराखण्ड पावर जूनियर इंजीनियर्स ऐसोसिएशन के एक-एक सदस्यों ने अपने योगदान से इसे अभिसिंचित किया, आज उनके एवं आप सभी की कठोर तपस्या और परिश्रम का फल हमारा गौरवशाली संगठन है।
उत्तराखण्ड पावर जूनियर इंजीनियर्स ऐसोसिएशन के गौरव एवं कीर्ति स्तम्भ
- संगठन भवन – (i) आस्था सदन, डाकपत्थर
(ii) विकास सदन, देहरादून
- संगठन की पत्रिकाः शक्ति संदेश
- कल्याण योजना
संगठन को सुद्रिद्द करने हेतु सुज्ञाव
- खण्ड / मण्डल पर नियमित मासिक सभा हों।
- क्षेत्र / जनपद / परियोजना स्तर पर द्विमासिक सभा हों।
- प्रान्तीय कार्यकारिणी/ केन्द्रीय कार्यकारिणी में आने से पूर्व पदाधिकारी अपने मण्डल / क्षेत्र् / जनपद / परियोजना में सभा करके आयें तथा प्रान्तीय कार्यकारिणी / केन्द्रीय कार्यकारिणी की सभा के पश्चात अपने मण्डल / क्षेत्र् / जनपद / परियोजना में सभा करके उन्हे अद्यतन स्थिति से अवगत करायें।
- प्रत्येक स्तर की कार्यकारिणी के चुनाव समय पर करायें।
- ऐसोसिएशन का वार्षिक शुल्क प्रत्येक वर्ष दिसम्बर माह में कोषाध्यक्ष के पास जमा कराना सुनिश्चित करें।
सभा का संचालन
- जिस स्तर पर सभा हो रही हो उस स्तर का अध्यक्ष सभा की अध्यक्षता करेगा।
- सभा का संवालन उस स्तर का सचिव करेगा।
- सभा में व्यवस्था बनाये रखने का उत्तरदायित्व सभाध्यक्ष का है। वक्ता सभाध्यक्ष की अनुमति प्राप्त कर अपना वक्तव्य सभा में रखेंगे।
- अन्त में अध्यक्ष सभा के सार के अनुसार अपना निर्णय एवं निर्देश देगे तथा सभा का समापन करेंगे।